मध्य प्रदेश सरकार अब MP Police Recruitment Board का गठन करने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की घोषणा के बाद भर्ती नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी है। जानें कैसे यह नया बोर्ड पुलिस भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगा।
नमस्ते दोस्तों! मध्य प्रदेश के उन हजारों युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खबर आ रही है जो खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे हैं। राज्य सरकार अब पुलिस भर्ती की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदलने और इसे और भी बेहतर बनाने के लिए एक विशेष MP Police Recruitment Board बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुकी है।
MP पुलिस भर्ती बोर्ड की मुख्य बातें
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| बोर्ड का नाम | मध्य प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड |
| प्रस्ताव की स्थिति | सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजा गया |
| भवन का स्थान | श्यामला हिल्स, भोपाल |
| अनुमानित लागत | ₹19.8 करोड़ |
| प्रेरणा | उत्तर प्रदेश और दक्षिण भारतीय राज्यों के मॉडल पर आधारित |
MP Police Recruitment Board का गठन और मौजूदा स्थिति
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 15 अगस्त को अपने भाषण में इस बोर्ड के गठन का ऐलान किया था। ताजा अपडेट यह है कि पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा तैयार किया गया प्रस्ताव अब गृह विभाग से होता हुआ सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) तक पहुँच गया है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
MP Police Recruitment Board के बन जाने से पुलिस भर्ती की जिम्मेदारी व्यापम (ESB) से हटकर इस विशेष बोर्ड के पास आ सकती है। इससे भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और विवादों की संभावना कम होगी। गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पहले से ही ऐसे बोर्ड सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं।
नए बोर्ड से क्या बदल जाएगा?
अक्सर उम्मीदवार पूछते हैं, What will be the benefits of MP Police Recruitment Board? तो इसका सीधा जवाब है—पारदर्शिता और रफ्तार। फिलहाल भर्ती के नियम अक्सर बदलते रहते हैं, लेकिन एक समर्पित बोर्ड होने से परीक्षाओं का एक निश्चित कैलेंडर होगा।
भोपाल के श्यामला हिल्स में इस बोर्ड के लिए एक भव्य मुख्यालय भी बन रहा है, जो अगले साल जुलाई तक तैयार हो जाएगा। बहुत से छात्र यह भी सवाल करते हैं, Will MP Police Recruitment Board conduct SI and Constable exams? सूत्रों की मानें तो उप-निरीक्षक (SI) और आरक्षक (Constable) दोनों की भर्तियों का जिम्मा इसी बोर्ड के पास होगा।
पुरानी व्यवस्था बनाम नया प्रस्ताव
2012 से पहले, भर्ती के लिए हर जिले में कमेटियां होती थीं जो पहले फिजिकल टेस्ट लेती थीं। बाद में यह काम व्यापम को दे दिया गया। अब MP Police Recruitment Board के माध्यम से सरकार फिर से एक ऐसी व्यवस्था लाना चाहती है जहाँ पुलिस विभाग के पास अपनी भर्ती प्रक्रिया का पूरा नियंत्रण हो। इससे MP Police recruitment process transparency में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में MP Police Recruitment Board का आना उन अभ्यर्थियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण है जो सालों से भर्ती का इंतज़ार कर रहे हैं। यह कदम न केवल पुलिस बल को आधुनिक बनाएगा बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर और साफ-सुथरे अवसर भी प्रदान करेगा।








