बैंकिंग क्षेत्र में Third-Party Risk Management को लेकर बेसल कमेटी ने नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। जानें कैसे क्लाउड कंप्यूटिंग और फिनटेक कंपनियों पर बढ़ती निर्भरता के बीच बैंक आपके पैसे और डेटा को सुरक्षित रखेंगे।
नमस्ते दोस्तों! आज के डिजिटल युग में हम सभी बैंकिंग के लिए मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक इन सेवाओं को देने के लिए कई बाहरी कंपनियों (Third-parties) की मदद लेते हैं? इसी को ध्यान में रखते हुए बेसल कमेटी ने Third-Party Risk Management के लिए नए वैश्विक नियम बनाए हैं ताकि आपका बैंकिंग अनुभव और भी सुरक्षित हो सके।
नए बैंकिंग नियमों की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| मुख्य फोकस | बाहरी वेंडर्स और फिनटेक कंपनियों से जुड़े जोखिम |
| जवाबदेही | बैंक पूरी तरह से बाहरी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होंगे |
| नई तकनीक | क्लाउड कंप्यूटिंग और एआई (AI) आधारित सुरक्षा |
| निगरानी | थर्ड-पार्टी रिश्तों की निरंतर और सख्त मॉनिटरिंग |
| पुराना नियम | 2005 के आउटसोर्सिंग नियमों की जगह अब नए नियम |
Third-Party Risk Management: डिजिटल बैंकिंग को सुरक्षित बनाने की नई पहल
फाइनेंशियल सर्विसेज के डिजिटलीकरण के साथ, बैंक अब तकनीक के लिए बाहरी वेंडर्स पर बहुत अधिक निर्भर हो गए हैं। बेसल कमेटी की नई रिपोर्ट के अनुसार, Third-Party Risk Management अब केवल एक विकल्प नहीं बल्कि बैंकों की परिचालन मजबूती (Operational Resilience) के लिए अनिवार्य है। चाहे वह क्लाउड कंप्यूटिंग हो या फिनटेक पार्टनरशिप, बैंकों को अब हर कदम पर जोखिमों का आकलन करना होगा।
अक्सर विशेषज्ञ पूछते हैं, What are the new Basel Committee principles for third-party risk management? तो इसका सरल उत्तर यह है कि कमेटी ने एक सामान्य बेसलाइन तैयार की है जो दुनिया भर के बैंकों और सुपरवाइजरों को एक जैसा सुरक्षा ढांचा प्रदान करेगी। इससे बैंकों के भीतर होने वाली जटिलताओं और बाहरी निर्भरता को कम करने में मदद मिलेगी।
बैंक और फिनटेक कंपनियों के बीच जवाबदेही तय
नए नियमों का एक बड़ा हिस्सा यह सुनिश्चित करना है कि अगर बैंक किसी सेवा को आउटसोर्स करता है, तो भी अंतिम जवाबदेही बैंक की ही होगी। कई लोग सर्च करते हैं, Why is third-party risk management important in banking 2025-26? इसका कारण यह है कि साइबर हमलों और डेटा लीक का खतरा बढ़ गया है। मजबूत गवर्नेंस और जोखिम मूल्यांकन के बिना कोई भी बैंक सुरक्षित नहीं रह सकता।
इसके अलावा, लोग यह भी पूछते हैं, How does Basel Committee regulate cloud computing in banks? कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वे फिनटेक और रेगटेक (RegTech) समाधानों के एकीकरण की निरंतर निगरानी करेंगे। Third-Party Risk Management के इन नए सिद्धांतों ने 2005 के पुराने जॉइंट फोरम पेपर की जगह ले ली है, जो आज की बदलती बाजार वास्तविकताओं के अनुरूप है।
निष्कर्ष
डिजिटल क्रांति के इस दौर में Third-Party Risk Management को मजबूत करना समय की मांग है। बेसल कमेटी के ये नए नियम न केवल बैंकों को अधिक पारदर्शी बनाएंगे, बल्कि आम ग्राहकों के विश्वास को भी बहाल रखेंगे। बैंकिंग जगत में सुरक्षा के ये नए मानक आने वाले वर्षों में वित्तीय स्थिरता की नींव रखेंगे।








